Drainage Plan : गुरुग्राम को जलभराव से बचाने का मास्टर प्लान तैयार, नए साल से जीएमडीए शुरू करेगा काम

परियोजना के तकनीकी पहलुओं के अनुसार, गुरुग्राम से भोंडसी तक पानी का प्राकृतिक प्रवाह (Natural Flow) नहीं है। इसलिए, नई ड्रेन में पानी को पंप के जरिए भोंडसी तक पहुँचाया जाएगा।

Drainage Plan : मिलेनियम सिटी गुरुग्राम में मानसून के दौरान होने वाले ‘जल-तांडव’ को समाप्त करने के लिए प्रदेश सरकार ने एक क्रांतिकारी योजना पर काम शुरू कर दिया है। अब शहर के बरसाती पानी को केवल नजफगढ़ ड्रेन के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि इसे गुरुग्राम-सोहना-नूंह-पलवल के रास्ते एक नई ड्रेन बनाकर यमुना नदी तक पहुँचाया जाएगा।

गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की फिजिबिलिटी रिपोर्ट और डीपीआर (DPR) तैयार करने के लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बीते मानसून सीजन में शहर की सड़कों पर हुए भारी जलभराव और उससे हुई सरकार की किरकिरी के बाद, प्रशासन अब जल निकासी के विकल्पों को विस्तार दे रहा है। योजना के अनुसार, शहर के बरसाती पानी को दो अलग-अलग चैनलों में बांटा जाएगा।

मौजूदा व्यवस्था: अभी पानी लेग-1, 2 और 3 के जरिए नजफगढ़ ड्रेन में जाता है, जो आगे यमुना में गिरता है।

नई व्यवस्था: न्यू गुरुग्राम के पानी को डायवर्ट कर भोंडसी के रास्ते सोहना, नूंह और पलवल होते हुए यूपी के रास्ते यमुना नदी में भेजा जाएगा।

परियोजना के तकनीकी पहलुओं के अनुसार, गुरुग्राम से भोंडसी तक पानी का प्राकृतिक प्रवाह (Natural Flow) नहीं है। इसलिए, नई ड्रेन में पानी को पंप के जरिए भोंडसी तक पहुँचाया जाएगा। भोंडसी के बाद सोहना और नूंह की ओर प्राकृतिक ढलान है, जिससे पानी आसानी से आगे की ओर बह सकेगा। इस नई ड्रेन को साउदर्न पेरिफेरल रोड (SPR) के साथ बन रही ड्रेन से जोड़ा जाएगा।

जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता विक्रम सिंह ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए कंसल्टेंट रखने हेतु टेंडर जारी कर दिया गया है, जिसे 15 जनवरी के बाद खोला जाएगा। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के निर्देशों पर शुरू हुई इस योजना का मकसद नजफगढ़ ड्रेन पर निर्भरता कम करना है, क्योंकि मानसून में यमुना का जलस्तर बढ़ने पर नजफगढ़ ड्रेन से पानी की निकासी बाधित हो जाती है।

शहर के पुराने तालाबों और वॉटर बॉडीज को ठीक किया जाएगा ताकि बारिश का पानी वहां जमा हो सके। सड़कों के किनारे बनी ग्रीन बेल्ट का स्तर सड़क से ऊँचा है, जिसे अब नीचा किया जाएगा ताकि सड़क का पानी मिट्टी में समा सके। बड़ी सोसाइटियों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए समय सीमा तय कर दी गई है।

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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